AIKosh भारत सरकार का नेशनल AI डेटासेट प्लेटफॉर्म है, जिसमें 7,541 डेटासेट्स और 273 AI मॉडल्स मौजूद हैं
जानिए कैसे Bhashini भाषा प्लेटफॉर्म और सिर्फ ₹65 प्रति घंटे में मिलने वाले GPUs भारत को AI सुपरपावर बनाने की दिशा में ले जा रहे हैं, वो भी पूरी डिटेल के साथ।
पिछले कुछ महीनों में AI को लेकर देश में जो चर्चा चल रही है, उसमें एक नाम बार-बार सामने आ रहा है
AIKosh अगर आप टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखते हैं तो ये जानना जरूरी है कि आखिर ये प्लेटफॉर्म है क्या और इसका फायदा किसे मिल रहा है।
सीधी भाषा में कहें तो AIKosh एक ऐसी जगह है जहाँ रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को AI बनाने के लिए जरूरी डेटा और मॉडल्स मुफ्त या सस्ते में मिल जाते हैं। और इसके आंकड़े सच में चौंकाने वाले हैं।
AIKosh डेटासेट प्लेटफॉर्म असल में है क्या

AIKosh को भारत सरकार का नेशनल AI डेटासेट और मॉडल रिपॉजिटरी कहा जा सकता है।
यहाँ सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के सोर्सेज से डेटा इकट्ठा किया गया है।
अभी तक इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद है:
- 7,541 डेटासेट्स अलग-अलग सेक्टर्स से
- 273 AI मॉडल्स पहले से ट्रेंड और इस्तेमाल के लिए तैयार
- 20 सेक्टर्स को कवर करने वाला डेटा
- 3.85 लाख विजिट्स और 26,000 डाउनलोड्स अब तक
यानी अगर कोई स्टूडेंट या स्टार्टअप AI प्रोजेक्ट बनाना चाहता है, तो उसे शुरुआत से डेटा जुटाने की टेंशन नहीं लेनी पड़ती।
Bhashini भाषा प्लेटफॉर्म की कहानी
AIKosh के साथ-साथ एक और प्लेटफॉर्म है जिसकी चर्चा कम होती है, लेकिन असर बहुत बड़ा है — Bhashini।
ये एक ऐसा AI टूल है जो भाषा की दीवार तोड़ने का काम करता है। जिन लोगों को अंग्रेजी नहीं आती, वो भी अब डिजिटल सर्विसेज आसानी से इस्तेमाल कर पा रहे हैं।
Bhashini के कुछ आंकड़े देखिए:
| पैरामीटर | आंकड़ा |
|---|---|
| लॉन्च साल | जुलाई 2022 |
| सपोर्टेड भाषाएं | 36+ |
| डाउनलोड्स | 1.2 मिलियन+ |
| इंटीग्रेटेड AI मॉडल्स | 350+ |
| एक्टिव यूजर्स | 450+ |
यानी अनुवाद और स्पीच सर्विसेज अब हर भारतीय भाषा में उपलब्ध होती जा रही हैं, और इसमें AI की भूमिका काफी बड़ी है।
सिर्फ ₹65 प्रति घंटे में GPU — ये कैसे मुमकिन हुआ
AI मॉडल ट्रेन करने के लिए सबसे बड़ी दिक्कत होती है कंप्यूटिंग पावर यानी GPU की। ग्लोबल मार्केट में ये बहुत महंगे पड़ते हैं।
लेकिन भारत ने इस मामले में बड़ा कदम उठाया है:
- देश में अब 38,000 से ज्यादा हाई-एंड GPUs उपलब्ध हैं
- इनकी कीमत सिर्फ ₹65 प्रति घंटा रखी गई है
- ये ग्लोबल एवरेज कीमत का लगभग एक-तिहाई है
- इसके अलावा 1,050 TPUs भी जोड़े गए हैं
नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत IITs, IISERs जैसे संस्थानों में 40 पेटाफ्लॉप्स से ज्यादा कंप्यूटिंग कैपेसिटी पहले ही डिप्लॉय की जा चुकी है।
IndiaAI Mission के तहत कौन-कौन काम कर रहा है

सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना काफी नहीं होता, उसका इस्तेमाल करने वाले भी चाहिए। इसलिए IndiaAI Mission के तहत कई स्टार्टअप्स और संस्थानों को चुना गया है:
- Sarvam AI
- BharatGen (IIT Bombay)
- Gnani AI
- Fractal Analytics
- Tech Mahindra Maker’s Lab
ये सभी मिलकर ऐसे AI मॉडल्स बना रहे हैं जो भारतीय डेटा और भाषाओं पर ट्रेंड हों, ताकि विदेशी मॉडल्स पर निर्भरता कम हो सके।
इससे आम आदमी को क्या फायदा होगा

अब सवाल ये है कि इन सारे आंकड़ों का फायदा एक आम यूजर तक कैसे पहुंचेगा:
- सरकारी सेवाएं अपनी भाषा में इस्तेमाल करना आसान होगा
- मौसम की भविष्यवाणी जैसी सर्विसेज ज्यादा सटीक होंगी
- स्टार्टअप्स के लिए AI प्रोडक्ट बनाना सस्ता पड़ेगा
- रिसर्च और नौकरी के नए मौके बनेंगे
भारत का डेटा सेंटर कैपेसिटी अभी 1,280 MW है, और 2030 तक इसके 4-5 गुना बढ़ने की उम्मीद है। यानी आने वाले सालों में ये पूरा इकोसिस्टम और तेजी से बढ़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. AIKosh प्लेटफॉर्म पर डेटा कौन इस्तेमाल कर सकता है? कोई भी रिसर्चर, स्टूडेंट, स्टार्टअप या डेवलपर AIKosh पर रजिस्टर करके डेटासेट्स और मॉडल्स एक्सेस कर सकता है।
2. Bhashini ऐप कितनी भाषाओं में काम करता है? Bhashini फिलहाल 36 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन और स्पीच सर्विस देता है।
3. भारत में GPU किराए पर लेना कितना सस्ता है? भारत में हाई-एंड GPU सिर्फ ₹65 प्रति घंटे में मिल रहा है, जो ग्लोबल एवरेज से काफी कम है।
4. IndiaAI Mission का मकसद क्या है? इसका मकसद भारतीय डेटा पर ट्रेंड AI मॉडल्स बनाना है, ताकि देश विदेशी टेक्नोलॉजी पर कम निर्भर रहे।
5. क्या AIKosh और Bhashini फ्री में इस्तेमाल किए जा सकते हैं? हां, इनका बेसिक इस्तेमाल आम यूजर्स और रिसर्चर्स के लिए फ्री या बेहद कम कीमत पर उपलब्ध है।