G-3MK0BFQ2LX

MPPSC Assistant Professor Computer Science Exam 2026: Admit Card Mistake and Last Minute Tension

by Sonu
MPPSC

भइया, चाय की चुस्की लेते हुए सुनो तो जरा। हमारे मध्यप्रदेश में नौकरी की तैयारी करने वाले लड़के-लड़कियों के लिए ये दिन कितने तनाव भरे होते हैं, वो तो हम सब जानते हैं। खासकर वो जो असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं, कंप्यूटर साइंस वाले। अबकी बार MPPSC ने जो खेल खेला है ना एडमिट कार्ड के साथ, वो सुनकर तो माथा पीटने को जी करता है। चलो, मैं तुम्हें पूरा किस्सा सुनाता हूं, जैसे गाँव में बैठकर बड़े-बुजुर्ग बताते हैं।

Exam Date and Schedule: 4 जनवरी को दो शिफ्ट में पेपर

अरे, सबसे पहले तो ये बता दूं कि परीक्षा कब है। रविवार, 4 जनवरी 2026 को, दो सत्रों में आयोजित होगी ये असिस्टेंट प्रोफेसर कंप्यूटर साइंस की परीक्षा। अब तो बस एक हफ्ता बचा है, 28 दिसंबर से गिनो तो। हमारे गाँव के लड़के जो शहर में कोचिंग कर रहे हैं, वो फोन पर बता रहे थे कि तैयारी तो ठीकठाक है, लेकिन ये एडमिट कार्ड का झमेला सबकुछ बिगाड़ रहा है। परीक्षा शहर के बारे में इंदौर बताया जा रहा है, लेकिन पक्का कुछ नहीं। दूर गांव से आने वालों के लिए तो ये बड़ी दिक्कत है भाई। बस-ट्रेन का टिकट पहले से बुक करो तो पैसे डूबने का डर, न करो तो लास्ट मिनट में सीट न मिले। ऐसे में मन कैसे लगेगा पढ़ाई में?

Admit Card Big Confusion: नेगेटिव मार्किंग की गलत बात लिख दी

अब असली कहानी सुनो। 26 दिसंबर को MPPSC ने एडमिट कार्ड जारी किए। लड़के खुश हुए, जल्दी-जल्दी डाउनलोड किया। लेकिन जैसे ही निर्देश पढ़े, तो सबके होश उड़ गए। पॉइंट नंबर 3 में लिखा था कि गलत जवाब पर एक नंबर कटेगा, सही पर तीन मिलेंगे। अरे भाई, ये क्या? इस परीक्षा में तो नेगेटिव मार्किंग है ही नहीं! हर सवाल 4 नंबर का होता है, और गलत पर कुछ नहीं कटता। सब कैंडिडेट्स घबरा गए। सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया, फोन पर एक-दूसरे को बता रहे थे कि अब क्या करें? तैयारी तो बिना नेगेटिव के सोचकर की थी, अब रिस्क लेकर जवाब दें या छोड़ें?

बस एक घंटे बाद आयोग ने लिंक बंद कर दिया। सब सोचने लगे कि अब क्या होगा? हमारे यहां गाँव में भी एक लड़का है, वो तैयारी कर रहा है, उसने फोन किया तो बोला – चाचा, मन नहीं लग रहा पढ़ने में। ऐसे भ्रम में कौन पेपर देगा?

Commission Accepted Mistake: नया एडमिट कार्ड आएगा जल्द

फिर शनिवार को आयोग ने मान लिया कि हां, गलती हो गई। सूचना जारी की कि पॉइंट 3 में नेगेटिव मार्किंग का जिक्र गलती से हो गया। अब रिवाइज्ड एडमिट कार्ड दोबारा जारी करेंगे। पुराना डाउनलोड करने वालों को भी नया डाउनलोड करना पड़ेगा। अच्छी बात ये है कि सबको मौका मिलेगा। लेकिन भाई, शाम तक भी लिंक नहीं आया तो टेंशन और बढ़ गई। MPPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। इतनी बड़ी कमीशन, फिर भी ऐसी चूक?

हमारे जमाने में सरकारी कागज टाइपिस्ट टाइप करता था, फिर सीनियर ऑफिसर चेक करता था। अब कंप्यूटर पर होता है, लेकिन प्रूफ रीडिंग का नियम तो वही पुराना है ना? फिर भी कैसे हो गई ये भूल? गांव में कहते हैं ना, “जल्दबाजी में काम बिगड़ जाता है”। शायद यही हुआ। लेकिन छात्रों का क्या कसूर? वो तो महीनों से मेहनत कर रहे हैं।

Exam City Indore: गांव वालों की यात्रा की मुश्किल

परीक्षा शहर इंदौर बताया गया है, लेकिन पक्का नहीं। हमारे दूरदराज के गांवों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए तो ये बड़ा झटका है। बस का इंतजाम, रहने की जगह, खाने-पीने का। एक हफ्ता बचा है, टिकट महंगे हो जाएंगे। कुछ लड़के तो सोच रहे हैं कि अगर शहर बदल गया तो क्या? ऐसे में अनिश्चितता से परेशानी दोगुनी हो गई है। भाई, सरकार को चाहिए कि पहले से सब क्लियर कर दे, ताकि गरीब घर के बच्चे बिना टेंशन के पेपर दे सकें।

Last Week Preparation Tips: आखिरी हफ्ते में क्या करें

MPPSC

अब सुनो, टेंशन मत लो। एडमिट कार्ड आएगा, परीक्षा होगी। आखिरी हफ्ते में क्या करो? सबसे पहले तो पुरानी गलती भूल जाओ। नेगेटिव मार्किंग नहीं है, ये पक्का है। तो जितना जानते हो, उतना尝试 करो पेपर में। डरना मत।

  • रोज सुबह उठकर रिवीजन करो। नोट्स देखो, महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, डेटा स्ट्रक्चर, नेटवर्किंग, डेटाबेस – ये बार-बार दोहराओ।
  • मॉक टेस्ट दो, लेकिन टाइमर लगाकर। जैसे असली पेपर।
  • जनरल नॉलेज वाला पेपर भी है ना, तो मध्यप्रदेश की खबरें, करंट अफेयर्स पढ़ लो।
  • रात को अच्छी नींद लो, खाना सादा खाओ। हमारे गाँव में कहते हैं, “पेट भरा तो दिमाग तेज”।
  • अगर इंदौर जाना है तो पहले से प्लान कर लो। कोई रिश्तेदार हो तो वहीं रुक जाओ, पैसे बचेंगे।

और हां, MPPSC की वेबसाइट चेक करते रहो। जैसे ही नया लिंक आए, फटाक से डाउनलोड कर लो। हेल्पलाइन नंबर पर फोन करो अगर दिक्कत हो।

Why Such Mistakes Happen and Students’ Pain

भाई, ये गलतियां क्यों होती हैं? बड़े-बड़े ऑफिसर हैं, फिर भी प्रूफ रीडिंग नहीं होती ठीक से। एक गलती से हजारों छात्रों का मन उचाट हो जाता है। खासकर गांव के लड़के-लड़कियां, जिनके घर में इंटरनेट भी ठीक से नहीं चलता। वो कैसे अपडेट रहें? ऐसे में उम्मीद टूटती है। लेकिन हिम्मत मत हारो। ये जीवन की परीक्षा है, पेपर तो बस एक हिस्सा।

मैंने अपने जमाने में देखा है, कई बार दिक्कतें आती हैं, लेकिन जो डटकर सामना करता है, वही जीतता है। तुम सब मेहनती हो, कंप्यूटर साइंस जैसे सब्जेक्ट में मास्टर हो। प्रोफेसर बनोगे, बच्चों को पढ़ाओगे। ये छोटी-मोटी रुकावटें तो आती-जाती रहेंगी।

अंत में यही कहूंगा – शांत मन से तैयारी करो, एडमिट कार्ड का इंतजार करो, और 4 जनवरी को धुआंधार पेपर दो। भगवान सब ठीक करेगा। अगर कोई सवाल हो तो कमेंट करो, मैं बताऊंगा। जय हिंद, जय मध्यप्रदेश!

Join WhatsApp

Join Now

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम Suman Gupta है और मैं पिछले 6 सालो से ऑनलाइन काम कर रहा हूं। और मैं इस blog से आपको एक 100% Real and Unique information share करूंगा। धन्यवाद।

For Feedback - feedback@example.com