Bijli Bill Mafi Yojana नमस्ते दोस्तों, आजकल बिजली का बिल देखकर दिल बैठ जाता है ना? हर महीने हजार-दो हजार या उससे ज्यादा का बिल आता है और जेब पर बोझ पड़ता है. खासकर राजस्थान जैसे गर्म राज्य में जहां कूलर, एसी चलाना मजबूरी है, बिजली बिल तो जैसे घर का स्थायी मेहमान बन गया है.
अब खुश होने की बारी है क्योंकि सरकार ने एक ऐसा शानदार तोहफा दिया है जिससे आपका बिजली बिल जीरो हो सकता है. जी हां, बिल्कुल सही सुना आपने. अब आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली पा सकते हैं. यह कोई सपना नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना है जो राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है.
पुरानी बिजली बिल माफी योजना अब बंद, नई योजना ने दिलाया सुकून
पहले राजस्थान में मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना चलती थी जिसमें 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलती थी. लाखों परिवारों को उससे बड़ी राहत मिलती थी. लेकिन अब वह योजना समाप्त हो चुकी है. बहुत से लोग परेशान थे कि अब क्या होगा. लेकिन चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार ने उसकी जगह एक बहुत बेहतर और स्थायी योजना शुरू की है, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना. इस योजना में आपको हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकती है और वह भी बिना किसी झंझट के.
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है
यह योजना देश के हर घर को सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके तहत आप अपनी छत पर सोलर पैनल लगवाते हैं और जितनी बिजली सोलर से बनती है, वह पूरी तरह मुफ्त होती है. अगर आप हर महीने 300 यूनिट या उससे कम बिजली खर्च करते हैं तो आपका बिजली बिल शून्य आ सकता है. और अगर आपकी खपत इससे ज्यादा है तब भी बिल बहुत कम आएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार सोलर पैनल लगवाने में भारी सब्सिडी दे रही है.
इस योजना से आपको क्या-क्या फायदा होगा
- हर महीने 300 यूनिट तक बिजली बिल्कुल फ्री.
- सोलर पैनल लगवाने पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में.
- अगर सोलर से ज्यादा बिजली बनेगी तो उसे बेचकर हर महीने 1000-2000 रुपये तक अतिरिक्त कमाई भी हो सकती है.
- एक बार सोलर पैनल लग गया तो अगले 25 साल तक मुफ्त बिजली और लाखों रुपये की बचत.
- पर्यावरण को भी मदद मिलेगी क्योंकि कोयले से चलने वाले बिजली घरों का बोझ कम होगा.
सोलर सिस्टम पर कितनी सब्सिडी मिलेगी
सरकार ने सब्सिडी को इस तरह रखा है कि हर परिवार आसानी से सोलर लगवा सके,
1 किलोवाट सिस्टम पर 30,000 रुपये तक सब्सिडी. 2 किलोवाट सिस्टम पर 60,000 रुपये तक सब्सिडी. 3 किलोवाट या उससे ज्यादा पर 78,000 रुपये तक सब्सिडी.
यानी 3 किलोवाट का सिस्टम लगभग 1.5 लाख रुपये का पड़ता है लेकिन सब्सिडी के बाद आपको सिर्फ 70-80 हजार रुपये ही देने पड़ेंगे.
कौन-कौन इस योजना का लाभ ले सकता है
- राजस्थान में घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए.
- अपना मकान होना चाहिए, किराए के मकान में नहीं लगेगा.
- छत पर कम से कम 200-300 वर्ग फुट खाली जगह होनी चाहिए.
- पहले किसी सरकारी सोलर योजना का लाभ न लिया हो.
- भारतीय नागरिक होना जरूरी है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करते समय ये दस्तावेज तैयार रखें, आधार कार्ड. ताजा बिजली बिल (जिसमें K नंबर लिखा हो). बैंक पासबुक की कॉपी. मकान मालिकाना हक का प्रमाण (रजिस्ट्री, खाता-खसरा आदि). पासपोर्ट साइज फोटो. सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी.
Bijli Bill Mafi Yojana:घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
आवेदन की प्रक्रिया बहुत आसान है, सबसे पहले pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट पर जाएं. अपनी डिस्कॉम चुनें (जयपुर, अजमेर या जोधपुर विद्युत वितरण निगम). अपना K नंबर डालें. मोबाइल और ईमेल से OTP डालकर रजिस्ट्रेशन करें. अपनी जरूरत के अनुसार सोलर सिस्टम की क्षमता चुनें. पोर्टल पर दिख रहे अधिकृत वेंडर में से किसी एक को चुनें. वेंडर आपके घर आएगा, सोलर पैनल लगाएगा और नेट मीटर भी लगवाएगा. सब कुछ पूरा होने के बाद 30-45 दिन में सब्सिडी आपके खाते में आ जाएगी
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अब बिजली बिल की टेंशन लेना आपका हमेशा के लिए खत्म
सोचिए, सुबह उठते ही सूरज की किरणें आपकी छत पर पड़ेंगी और आपके घर में मुफ्त बिजली बनने लगेगी. न बिल का डर, न कटौती की चिंता. बच्चों की पढ़ाई, घर का काम, पंखा, कूलर सब बेफिक्र चलेंगे. इतना ही नहीं, जो अतिरिक्त बिजली बनेगी उससे हर महीने कुछ पैसे भी कमा सकते हैं. यह योजना सिर्फ बिजली बिल बचाने की नहीं, बल्कि आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की योजना है.
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल आपतक जानकारी यह सन्देश पहुंचने के लिए लिखा गया है.यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. योजना के नियम और सब्सिडी की राशि में समय-समय पर बदलाव हो सकता है. कृपया आवेदन करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर नवीनतम जानकारी जरूर जांच लें. किसी भी तरह की गलत जानकारी के लिए लेखक जिम्मेदार नहीं होगा.









